Aarti Sangarh

श्री नाथजी की मंगल आरती 

  जय गोरक्ष योगी (श्री गुरुजी) हर हर गोरक्ष योगी ।  वेद पुराण बखानत, ब्रह्मादिक सुरमानत, अटल भवन भोगी।  ॐ जय गोरक्ष योगी ॥ 1 ॥  बाल जती ब्रह्मज्ञानी योग युक्ति पूरे (श्री गुरुजी) योग युक्ति पूरे ।  सोहं शब्द निरन्तर (अनहद नाद निरन्तर) बाज रहे तूरे ।  ॐ जय गोरक्ष योगी ॥ 2 ॥  […]
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